KGF Chapter 2 Review

बड़े परदे पर लौटा बीते दिनों का एंग्री यंगमैन, हिंदी भाषी दर्शकों को मिला सीटीमार सिनेमा

फिल्म ‘केजीएफ चैप्टर 2’ यानी ‘केजीएफ 2’ को देखने के बाद सबसे पहले वह बात जो सभी लोग सबसे पहले जानना चाहते हैं, ‘क्या केजीएफ 3’ भी बनेगी?

तो इसका जवाब हां में है। फिल्म बनाने वालों ने फिल्म के अगले अध्याय का सूत्र फिल्म के क्लाइमेक्स में दिखा दिया है।

फिल्म ‘केजीएफ चैप्टर 2’ एक विशाल कैनवस के लिए सोची गई कहानी है।

आईमैक्स पर इसे देखने का आनंद ही कुछ और है, हां, बशर्ते सिनेमाघर का ऑडियो सिस्टम ठीक से काम कर रहा हो।

सिनेमा दृश्य श्रव्य माध्यम है, अंग्रेजी में ऑडियो विजुअल।

जो दिख रहा है और जो सुनाई दे रहा है, उसका संतुलन फिल्म ‘केजीएफ चैप्टर 2’ में कमाल का साधा गया है।

परदे पर कुछ नहीं दिख रहा हो और आवाज आ रही हो तो भी दर्शक समझ जाता है कि आखिर चल क्या रहा है!

ये फिल्म सिनेमा में ‘एंग्री यंगमैन’ का वजूद भी तलाशती है और जिस तरह यश के परदे पर पहले प्रवेश पर सिनेमाहॉल में दर्शकों की सीटियां और तालियां गूंजती हैं, उनसे लगता यही है कि सिनेमा असल में यही है।